कुंडली से खोजें

राहु · 130

ग्रह और भाव चुनकर खोजें →

मंगल-राहु दसवें भाव में: नाम, प्रसिद्धि और संपत्ति

मंगल और राहु की दसवें भाव में युति आपके लिए नाम, प्रसिद्धि और संपत्ति ला सकती है। हालांकि, कुछ स्वास्थ्य और वित्तीय चुनौतियां भी संभव हैं।

बृहस्पति-राहु दसवें भाव में: धन, लंबी उम्र और चुनौतियाँ

बृहस्पति और राहु का दसवें भाव में होना आपको मेहनती, धनी और लंबी उम्र वाला बना सकता है, लेकिन यह आपके पिता के लिए चुनौतियाँ ला सकता है।

शुक्र-राहु नवम भाव में: पैतृक संपत्ति, प्रेम विवाह और दुर्भाग्य

नवम भाव में शुक्र और राहु का संयोग पैतृक संपत्ति में वृद्धि, प्रेम विवाह और धार्मिक यात्राएं देता है, लेकिन बच्चों की चिंताएं और दुर्भाग्य भी ला सकता है।

शनि-राहु नौवें भाव में: धन, प्रसिद्धि और संतान संबंधी चुनौतियाँ

शनि और राहु की नौवें भाव में युति आपको धन और प्रसिद्धि दिला सकती है, लेकिन संतान संबंधी और पारिवारिक चुनौतियाँ भी पैदा कर सकती है।

बुध-राहु नवम भाव में: धर्म, यात्रा और संतान पर प्रभाव

बुध और राहु का नवम भाव में होना व्यक्ति को धार्मिक और यात्रा प्रेमी बना सकता है, लेकिन संतान और धन संबंधी चुनौतियां भी ला सकता है।

मंगल-राहु नौवें भाव में: भाईचारा, लंबी उम्र और पिता को कष्ट

मंगल और राहु की नौवें भाव में युति आपके भाइयों से संबंध, लंबी उम्र और धन-दौलत पर असर डालती है, लेकिन पिता को कष्ट और बदनामी भी दे सकती है।

बृहस्पति-राहु नौवें भाव में: धार्मिकता, भाग्य और संतान सुख

बृहस्पति और राहु की नवें भाव में युति व्यक्ति को धार्मिक, भाग्यशाली और संतान सुख प्रदान करती है, लेकिन कुछ नकारात्मक प्रभाव भी हो सकते हैं।

सूर्य-राहु आठवें भाव में: ससुराल से लाभ और लंबी आयु

आठवें भाव में सूर्य और राहु की युति आपको ससुराल से धन और समाज में सम्मान दिला सकती है, साथ ही लंबी आयु भी प्रदान कर सकती है।

शनि-राहु आठवें भाव में: धन, लंबी आयु और दो विवाह

आठवें भाव में शनि और राहु का मेल अचानक मृत्यु से बचाव करता है। यह योग धन, लंबी आयु, और दो विवाह का संकेत देता है, साथ ही शुभ संतान भी प्रदान करता है।

बुध-राहु आठवें भाव में: धन, शिक्षा और वैवाहिक जीवन

बुध और राहु के आठवें भाव में होने से धन, शिक्षा और वैवाहिक जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। यह स्थिति शुभ और अशुभ दोनों तरह के परिणाम दे सकती है।

मंगल-राहु आठवें भाव में: भाग्य में उतार-चढ़ाव और ससुराल से लाभ

मंगल और राहु के आठवें भाव में होने से भाग्य में उतार-चढ़ाव आ सकते हैं, लेकिन ससुराल पक्ष से लाभ मिल सकता है और व्यक्ति मेहनती होता है।

बृहस्पति-राहु आठवें भाव में: भाग्य का उतार-चढ़ाव और गुप्त कार्य

आठवें भाव में बृहस्पति और राहु की युति आपके भाग्य में उतार-चढ़ाव ला सकती है। आपको ससुराल से लाभ मिल सकता है, लेकिन गुप्त कार्य और दूसरों के धन पर निर्भरता से बचें।

शुक्र-राहु सातवें भाव में: धन, प्रसिद्धि और वैवाहिक लाभ

शुक्र और राहु सातवें भाव में धन, प्रसिद्धि और वैवाहिक लाभ दे सकते हैं, लेकिन जीवनसाथी और ससुराल से जुड़े कुछ मुद्दे भी हो सकते हैं।

सूर्य-राहु सातवें भाव में: वैवाहिक जीवन और ससुराल पर प्रभाव

सूर्य और राहु का सातवें भाव में होना आपके वैवाहिक जीवन, व्यापारिक साझेदारी और ससुराल पक्ष पर गहरा प्रभाव डाल सकता है।

शनि-राहु सातवें भाव में: धन, संतान और स्वास्थ्य

सातवें भाव में शनि और राहु का मेल धन, संतान और स्वास्थ्य पर अलग-अलग प्रभाव डालता है। जानिए क्या हो सकते हैं शुभ और अशुभ परिणाम।

चंद्रमा-राहु सातवें भाव में: जीवनसाथी संबंध और सरकारी नुकसान

सातवें भाव में चंद्रमा और राहु की युति जीवनसाथी के साथ अच्छे संबंध दे सकती है, लेकिन सरकारी नुकसान और ससुराल पक्ष से दूरियां संभव हैं।