कुंडली से खोजें

अपनी कुंडली से लेख खोजें

जिस भाव में जो ग्रह बैठे हैं, उन्हें चुनिए — उसी से जुड़े लेख मिल जाएँगे।

ग्रह चुनें
भाव चुनें
श्रेणी
क्रम
साफ़ करें
164 लेख मिले · चौथा भाव

शुक्र-शनि चौथे भाव में: धन, संपत्ति और पारिवारिक सुख

जानें शुक्र और शनि के चौथे भाव में होने से आपको धन, संपत्ति और पारिवारिक सुख कैसे मिल सकता है, साथ ही संभावित चुनौतियों और उनके उपाय भी।

शुक्र-राहु चौथे भाव में: धन, सुरक्षा और पारिवारिक संबंध

चौथे भाव में शुक्र और राहु का संयोग धन, सुरक्षा और पारिवारिक संबंधों पर गहरा असर डालता है। जानें इसके शुभ और अशुभ प्रभाव।

सूर्य-शुक्र चौथे भाव में: संपत्ति, यात्रा और पारिवारिक जीवन

सूर्य और शुक्र की युति चौथे भाव में संपत्ति से लाभ, यात्रा से व्यापार और पारिवारिक सुख-दुख को प्रभावित करती है।

सूर्य-शनि चौथे भाव में: धन, सुख और विदेश यात्रा

सूर्य और शनि का चौथे भाव में होना समुद्री यात्राओं, सरकारी कामों और ज़मीन-जायदाद से लाभ दिला सकता है। यह आपको अपने घर और गाड़ी का सुख भी देता है।

सूर्य-राहु चौथे भाव में: संपत्ति और पारिवारिक जीवन

सूर्य और राहु की चौथे भाव में युति संपत्ति के लाभ और पारिवारिक जीवन पर प्रभाव डाल सकती है। यह स्थिति माँ और ससुराल पक्ष के लिए शुभ नहीं हो सकती है।

सूर्य-बुध चौथे भाव में: धन, लेखन और पारिवारिक जीवन

चौथे भाव में सूर्य और बुध की युति से धन, लेखन कार्य और सुखी पारिवारिक जीवन मिल सकता है, लेकिन कुछ नकारात्मक प्रभाव भी हो सकते हैं।

सूर्य-मंगल चौथे भाव में: संपत्ति और वैवाहिक जीवन

जानें चौथे भाव में सूर्य और मंगल की युति आपके वाहन, संपत्ति, परिवार और वैवाहिक जीवन पर क्या प्रभाव डालती है, शुभ और अशुभ दोनों।

सूर्य-केतु चौथे भाव में: संपत्ति लाभ और पारिवारिक चुनौतियाँ

सूर्य और केतु का चौथे भाव में होना सरकारी काम, संपत्ति व्यापार से लाभ देता है, लेकिन पारिवारिक जीवन और स्वास्थ्य में चुनौतियाँ लाता है।

शनि-राहु चौथे भाव में: घर, परिवार और विदेश यात्रा पर प्रभाव

शनि और राहु के चौथे भाव में होने से आपको घर और वाहन का सुख मिल सकता है, लेकिन पारिवारिक जीवन में चुनौतियाँ और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ भी आ सकती हैं।

चंद्रमा-शनि चौथे भाव में: पिता की आयु और धन पर प्रभाव

चंद्रमा और शनि के चौथे भाव में होने से पिता की आयु और धन-संपत्ति पर विशेष प्रभाव पड़ता है, साथ ही नैतिक आचरण भी महत्वपूर्ण होता है।

चंद्रमा-राहु चौथे भाव में: पारिवारिक सुख और पैतृक धन

चंद्रमा और राहु के चौथे भाव में होने से पारिवारिक सुख और पैतृक व्यवसाय में लाभ मिल सकता है, लेकिन माँ से मतभेद और धन का अपव्यय भी संभव है।

चंद्रमा-मंगल चौथे भाव में: संपत्ति, साहस और पारिवारिक जीवन

चौथे भाव में चंद्रमा और मंगल की युति व्यक्ति को साहसी, संपत्ति का मालिक और न्यायप्रिय बनाती है, लेकिन पारिवारिक जीवन में चुनौतियाँ भी ला सकती है।

चंद्रमा-केतु चौथे भाव में: घर, माँ और संपत्ति पर प्रभाव

चंद्रमा और केतु की युति चौथे भाव में घर, वाहन, माता और संपत्ति को प्रभावित करती है। यह योग आर्थिक स्थिति और पारिवारिक जीवन पर भी असर डालता है।