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भाव · 85

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बुध-शनि पांचवें भाव में: बुद्धिमान, शिक्षित और संतान सुख

पांचवें भाव में बुध और शनि की युति आपको बुद्धिमान, शिक्षित और संतान सुख प्रदान कर सकती है, लेकिन कुछ चुनौतियों का भी सामना करना पड़ सकता है।

मंगल-शनि पांचवें भाव में: संतान, धन और वैवाहिक जीवन

जानें मंगल और शनि की पंचम भाव में युति से संतान, धन और वैवाहिक जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है। यह योग आपको गंभीर और धनी बना सकता है।

शुक्र-राहु चौथे भाव में: धन, सुरक्षा और पारिवारिक संबंध

चौथे भाव में शुक्र और राहु का संयोग धन, सुरक्षा और पारिवारिक संबंधों पर गहरा असर डालता है। जानें इसके शुभ और अशुभ प्रभाव।

सूर्य-शुक्र चौथे भाव में: संपत्ति, यात्रा और पारिवारिक जीवन

सूर्य और शुक्र की युति चौथे भाव में संपत्ति से लाभ, यात्रा से व्यापार और पारिवारिक सुख-दुख को प्रभावित करती है।

सूर्य-मंगल चौथे भाव में: संपत्ति और वैवाहिक जीवन

जानें चौथे भाव में सूर्य और मंगल की युति आपके वाहन, संपत्ति, परिवार और वैवाहिक जीवन पर क्या प्रभाव डालती है, शुभ और अशुभ दोनों।

सूर्य-केतु चौथे भाव में: संपत्ति लाभ और पारिवारिक चुनौतियाँ

सूर्य और केतु का चौथे भाव में होना सरकारी काम, संपत्ति व्यापार से लाभ देता है, लेकिन पारिवारिक जीवन और स्वास्थ्य में चुनौतियाँ लाता है।

चंद्रमा-राहु चौथे भाव में: पारिवारिक सुख और पैतृक धन

चंद्रमा और राहु के चौथे भाव में होने से पारिवारिक सुख और पैतृक व्यवसाय में लाभ मिल सकता है, लेकिन माँ से मतभेद और धन का अपव्यय भी संभव है।

मंगल-शनि चौथे भाव में: संपत्ति, धन और पारिवारिक प्रगति

मंगल और शनि का चौथे भाव में होना धन, संपत्ति और पारिवारिक प्रगति ला सकता है। यह आपको सामाजिक कार्यों और उच्च सरकारी पद की ओर भी ले जा सकता है।

मंगल-राहु चौथे भाव में: पारिवारिक सुख और चुनौतियाँ

मंगल और राहु का चौथे भाव में होना पारिवारिक सुख और संपत्ति देता है, लेकिन शादीशुदा जिंदगी और मां के स्वास्थ्य को लेकर चुनौतियां भी ला सकता है।

चंद्रमा-केतु तीसरे भाव में: यात्राओं से लाभ और पारिवारिक चुनौतियाँ

तीसरे भाव में चंद्रमा और केतु की युति यात्राओं से लाभ दिला सकती है, पर पारिवारिक संबंधों और स्वास्थ्य में चुनौतियाँ दे सकती है।

मंगल-शनि तीसरे भाव में: संपत्ति और पारिवारिक चुनौतियाँ

मंगल और शनि की तीसरे भाव में युति संपत्ति दिला सकती है, लेकिन पारिवारिक विरोध और संतान संबंधी समस्याएँ भी दे सकती है।

मंगल-बुध तीसरे भाव में: बड़े भाई का साथ और माता-पिता का आशीर्वाद

मंगल और बुध का तीसरे भाव में होना बड़े भाई और माता-पिता के आशीर्वाद से जीवन में सुख और भाग्य लाता है, लेकिन चोरी से धन हानि भी हो सकती है।

बृहस्पति-शनि तीसरे भाव में: धन और आयु पर प्रभाव

बृहस्पति और शनि का तीसरे भाव में होना धन, संपत्ति और आयु को प्रभावित कर सकता है, साथ ही कुछ उम्रों पर चुनौतियां भी ला सकता है।

बृहस्पति-मंगल तीसरे भाव में: पैतृक संपत्ति की सुरक्षा और चुनौतियां

तीसरे भाव में बृहस्पति और मंगल की युति पैतृक संपत्ति की रक्षा करती है लेकिन उसे प्राप्त करने में बाधाएं ला सकती है। यह आपको धार्मिक बना सकता है, पर संतान और दोस्तों से परेशानी भी दे सकता है।