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पितृ दोष · 5

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चंद्रमा नौवें भाव में: ईमानदारी, संपत्ति और यात्रा

चंद्रमा नौवें भाव में व्यक्ति को ईमानदार, सम्मानित और संपत्तिवान बनाता है। ऐसे लोग धार्मिक यात्राएं कर सकते हैं और समाज सेवा में रुचि रखते हैं।

बृहस्पति पहले भाव में: शिक्षा, बुद्धि और पिता का भाग्य

जानें पहले भाव में बृहस्पति के शुभ-अशुभ प्रभाव, शिक्षा, करियर और पारिवारिक संबंधों पर असर। पितृ ऋण और विवाह से जुड़े महत्वपूर्ण उपाय।

सूर्य-केतु ग्यारहवें भाव में: संपत्ति, प्रसिद्धि और संतान

सूर्य और केतु का ग्यारहवें भाव में मेल आपके जीवन में संपत्ति, सरकारी कामों में प्रसिद्धि और संतान के मामलों को कैसे प्रभावित करता है, जानें।

बृहस्पति-केतु पहले भाव में: साधु जैसा व्यक्तित्व और शिक्षा में बाधाएं

पहले भाव में बृहस्पति और केतु का योग आपको धार्मिक और चट्टान जैसा मज़बूत बनाता है, लेकिन शिक्षा में बाधाएं और confusing विचार दे सकता है।

सूर्य-चंद्रमा-बुध-केतु की युति: पिता के लिए कष्टकारी

सूर्य, चंद्रमा, बुध और केतु की युति पिता के लिए बहुत मुश्किल भरी हो सकती है, जिससे उन्हें दुख या डूबने का खतरा हो सकता है.