सूर्य-मंगल की युति: धन और भाग्य में वृद्धि
सूर्य और मंगल (जागीरदारी का धन, पक्का धर्मात्मा)
इन दोनों का असर अच्छा ही होता है, लेकिन चंद्रमा का फल अच्छा नहीं होता है. यह वंश को तारने वाला (बढ़ाने वाला) होता है. लेकिन जब बुध, राहु, केतु खराब (मंद) हों, तो ये अच्छा फल नहीं देते हैं. आपकी मां की सेहत और धन खराब हो सकता है. आप ऐसे काम करते हैं जिससे लोगों के साथ आपका संपर्क (मेलजोल) बना रहे. चौकोर (चार कोनों वाला) मकान आपके लिए बहुत अच्छा होता है. आप और आपका बड़ा भाई दोनों धनवान (अमीर) हो सकते हैं. जन्मदिन से ही आपका भाग्य अच्छा हो सकता है और आपके शत्रु (दुश्मन) दबे रहते हैं. आप मन के साफ होते हैं. जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ती है, वैसे-वैसे आप भी तरक्की करते हैं.
नंबर 12 - पहली अवस्था (22-28वें वर्ष के बीच) में फल बहुत अच्छा हो सकता है. आप साफ दिल के होते हैं और शत्रुओं पर पूरी तरह हावी (नियंत्रण) होते हैं.
नंबर 9 - आपको ऊंचा पद मिल सकता है (जब शनि 11वें घर में हो).
नंबर 10 - आपकी धन-संपत्ति बढ़ सकती है (जब चंद्रमा 6वें घर में हो).
जबकि राहु 6वें घर में हो, तो ऊंचे घरों में आपको अपना-अपना धन मिल सकता है.
खराब हालात (जब सूर्य 6वें, 7वें, 10वें घर में हो; मंगल खराब (बद) 1, 4, 8वें घर में हो)
जब मंगल खराब हो, तो आपको जीवन में कड़ा विरोध, धोखेबाजी, खराब हालात और सगे-संबंधियों (रिश्तेदारों) की मृत्यु देखनी पड़ सकती है. आपकी आंखों पर भी बुरा असर हो सकता है.
नंबर 7 - आपकी मृत्यु लड़ाई-झगड़े में हो सकती है.
नंबर 10 - प्रियजनों (करीबी लोगों) से धन-संपत्ति को लेकर झगड़ा हो सकता है. अन्य घरों में इसका अपना-अपना प्रभाव रह सकता है.