शुक्र-बुध दसवें भाव में: व्यापार में हानि और बदनामी
अगर दूसरा भाव (घर) उच्च का हो या खाली हो, तो आपका काम अच्छे से खत्म होता है और यह अच्छी और समझदारी भरी सोच दिखाता है।
नुकसानदायक (खराब): अगर आठवां भाव वक्री (उल्टी चाल में) हो, तो दो ग्रहों के बुरे असर ऐसे दिखते हैं:
- पिता के लिए बुरा हो सकता है; पैसे का नुकसान हो सकता है; चारों तरफ दुख आ सकता है।
- आप नशा कर सकते हैं; व्यापार में निराशा और नुकसान हो सकता है; आप निंदा कर सकते हैं और बहुत मांस खा सकते हैं।
- आप चरित्रहीन हो सकते हैं; आपकी पत्नी के विचार सही नहीं हो सकते और वह ठीक से देख भी नहीं सकती।
- बच्चों को लेकर चिंता/दुख हो सकता है; आपके बनते हुए काम बिगड़ सकते हैं या रुक सकते हैं।
- पुरानी, लंबी बीमारियाँ परेशान कर सकती हैं; यौन रोग (V.D.) का खतरा हो सकता है; आप लगातार प्यार में पड़ सकते हैं।