कुंडली से खोजें

बृहस्पति-केतु छठे भाव में: भाग्य और संतान सुख

1 मिनट Read in English

क्या अच्छा है:

  • आपको बहुत अच्छी किस्मत मिल सकती है।
  • आपका जीवन खुशी और आराम से भरा हो सकता है; आपको अपनी मृत्यु के बारे में पहले से पता चल सकता है (इसके लिए दूसरा भाव खाली होना चाहिए)।

क्या अच्छा नहीं है: पहले बच्चे की खुशी नहीं मिल सकती है और वह टिक नहीं सकती है।

क्या यह लेख काम आया?
इस लेख को रेटिंग दें

टिप्पणियाँ (0)

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली आप लिखिए।

मिलते-जुलते लेख

बृहस्पति-शुक्र छठे भाव में: सौभाग्य और संतान सुख

बृहस्पति और शुक्र का छठे भाव में होना आपको और आपकी संतान को सौभाग्य दे सकता है। पत्नी की सेवा और सोने की क्लिप पहनने से लाभ होगा।

बृहस्पति-बुध-केतु की युति: प्रभावशाली लोगों का साथ और धन लाभ

यह युति प्रभावशाली लोगों का साथ दिलाती है और हर कदम पर किस्मत का साथ मिलता है, जिससे धन और परिवार का सुख प्राप्त होता है।

बृहस्पति-केतु नौवें भाव में: आध्यात्मिक प्रगति और पारिवारिक सुख

बृहस्पति और केतु की नौवें भाव में युति व्यक्ति को आध्यात्मिक बनाती है, उसे प्रसिद्धि और पारिवारिक सुख देती है, लेकिन संतान और पिता से संबंधित चुनौतियां भी आ सकती हैं।

बृहस्पति-केतु ग्यारहवें भाव में: संपत्ति, सम्मान और संतान

बृहस्पति और केतु का ग्यारहवें भाव में होना आपको संपत्ति, सरकारी सम्मान और यात्रा से लाभ दिला सकता है। संतान देर से हो सकती है।

बृहस्पति-सूर्य-शुक्र-मंगल की युति: ज्ञान, सम्मान और विजय

बृहस्पति, सूर्य, शुक्र और मंगल की युति व्यक्ति को बुद्धिमान, शांत, सम्मानित और विजयी बनाती है। यह योग महान भाग्य और शाही रुतबा देता है।

अपनी कुंडली का लाल किताब विश्लेषण चाहिए?

नाम और WhatsApp नंबर दीजिए — हम आपसे संपर्क करेंगे।