केतु दसवें भाव में: धन, व्यापार और संतान
अच्छे प्रभाव:
- आप बहुत अमीर हो सकते हैं और सभी फायदे वाले कामों में आपको जबरदस्त कामयाबी मिल सकती है।
- लेकिन आपको अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से सावधान रहना चाहिए, क्योंकि वे आपकी दौलत बर्बाद करने की कोशिश कर सकते हैं।
- आप में ऐसे गलत काम करने वालों को पालने और उन्हें हमेशा माफ करने की आदत हो सकती है।
- आप किसी खेल में अंतर्राष्ट्रीय (दुनिया भर के) स्तर के खिलाड़ी हो सकते हैं; आपके पास बहुत सारे नौकर और सहायक हो सकते हैं।
- बच्चों से अच्छा सहयोग मिल सकता है, घुटने पर शहद के रंग का तिल हो सकता है।
अच्छाई का संकेत: आपका आचरण (व्यवहार) और चरित्र अच्छा हो सकता है।
बुरे प्रभाव:
- व्यापार में 45 से 48 साल की उम्र बहुत नुकसान वाली हो सकती है; भाइयों और सहकर्मियों (साथ काम करने वालों) की - माँ का स्वास्थ्य (सेहत) ठीक नहीं रह सकता है, आँखों की समस्या हो सकती है; बेटा पैदा करने की चिंता हो सकती है लेकिन बेटियों से अच्छा सहयोग मिल सकता है।
- आप घर के जीवन से असंतुष्ट (नाखुश) रह सकते हैं; आप लापरवाही से मौत को बुलावा दे सकते हैं।
- 45-48 साल की उम्र में अच्छे प्रभाव भी मिल सकते हैं।
बुराई के संकेत: आप कुत्तों से नफरत कर सकते हैं; भाई से मतभेद (झगड़े) हो सकते हैं, आप निःसंतान (बिना बच्चों के) हो सकते हैं या नपुंसक (संतान पैदा करने में असमर्थ) हो सकते हैं।
क्या करें और क्या न करें:
- गलत काम न करें, इससे आपको बच्चे पैदा करने में दिक्कत हो सकती है।
- 48 साल की उम्र से पहले कुत्ते न पालें तो बेहतर है।
- उसके बाद कुत्ता पालें; एक चांदी के बर्तन में शहद भरकर घर में सुरक्षित रखें।
- एक चांदी के बर्तन में गंगाजल और शहद भरकर घर की नींव (बुनियाद) के नीचे दबा दें।
- घर में कैश-शेल्फ (पैसे रखने की अलमारी) में शुद्ध सोने के दो टुकड़े रखें।
नोट: बच्चों से अच्छे परिणाम के लिए, 8वें भाव में केतु के लिए बताए गए उपाय करें।