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उच्च और नीच ग्रह — कौन-सा ग्रह किस राशि में उच्च या नीच (लाल किताब)

Ashish Puniany · 14 Jul 2026 · 2 min read
उच्च और नीच ग्रह — कौन-सा ग्रह किस राशि में उच्च या नीच (लाल किताब)

लाल किताब में हर ग्रह किसी न किसी राशि में उच्च (Exalted) और किसी में नीच (Debilitated) होता है। उच्च ग्रह अपनी सबसे शक्तिशाली और सकारात्मक क्वालिटी देता है, जबकि नीच ग्रह की ऊर्जा असंतुलित या उल्टे तरीके से काम करती है। यही कारण है कि एक ही ग्रह किसी कुंडली में शुभ और किसी में अशुभ फल देता है। इस लेख में जानिए कौन-सा ग्रह किस राशि/भाव में उच्च और किसमें नीच होता है, और उसका जीवन पर क्या असर पड़ता है।

एक पंक्ति में: उच्च = ग्रह अपने comfort zone में (best फल), नीच = ग्रह असहज (कमज़ोर या उल्टा फल)।

🔶 उच्च ग्रह (Exalted Planets)

जब ग्रह इन राशियों/भावों में होता है, तो अपनी सर्वश्रेष्ठ ऊर्जा देता है:

1st House – मेष (Aries) — ☀️ सूर्य उच्च

Leadership quality, उसूल-पसंद और रीति-रिवाज मानने वाले। ऐसे लोग स्वाभाविक रूप से नेता प्रवृत्ति के होते हैं — आत्मविश्वास और authority दोनों मजबूत।

2nd House – वृषभ (Taurus) — ⚪ चंद्रमा उच्च

"पैसे आते रहते हैं।" Financial stability और emotional comfort मजबूत होता है, और saving capacity अच्छी रहती है।

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3rd House – मिथुन (Gemini) — ☊ राहु उच्च

Social connection और fast action के कारण जीत। Networking मजबूत होती है; technical और communication skills से growth मिलती है।

4th House – कर्क (Cancer) — 🟡 गुरु उच्च

बड़े-बुज़ुर्ग और नामी लोग। परिवार का सम्मान, आशीर्वाद और emotional wisdom मजबूत होती है।

5th House – सिंह (Leo)

कोई उच्च ग्रह नहीं।

6th House – कन्या (Virgo) — 🟢 बुध उच्च

"जिसके साथ खड़े हो जाए, उसे जीत दिला दे — चाणक्य जैसी बुद्धि।" Strategic mind, analysis power और planning मजबूत होती है।

7th House – तुला (Libra) — ⚫ शनि उच्च

"लखपति।" Business, balance और patience से पैसा और stability मिलती है।

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8th House – वृश्चिक (Scorpio)

कोई उच्च ग्रह नहीं।

9th House – धनु (Sagittarius) — ☋ केतु उच्च

"Brand." Spiritual power, intuition और नाम (fame) मजबूत होता है।

10th House – मकर (Capricorn) — 🔴 मंगल उच्च

"पिता के लिए तरक्की, चींटी के लिए भगवान।" Hardworking, disciplined और action-oriented स्वभाव होता है।

11th House – कुम्भ (Aquarius)

कोई उच्च ग्रह नहीं।

12th House – मीन (Pisces) — ⚪ शुक्र उच्च

"Luxury जो deserve भी न करे, वो भी मिल जाए।" Comforts, luxury, attraction और artistic pleasures ज़्यादा मिलते हैं।

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🔻 नीच ग्रह (Debilitated Planets)

जब ग्रह इन राशियों/भावों में होता है, तो उसकी ऊर्जा कमज़ोर या उल्टी चलती है:

1st House – मेष (Aries) — ⚫ शनि नीच

सनकी, moody स्वभाव। धैर्य की कमी और भीतरी frustration हो सकती है।

2nd House – वृषभ (Taurus)

कोई नीच ग्रह नहीं।

3rd House – मिथुन (Gemini) — ☋ केतु नीच

अपने दुखड़े रोते रहना। Confused communication और भावनात्मक शिकायती स्वभाव हो सकता है।

4th House – कर्क (Cancer) — 🔴 मंगल नीच

घर में "Cold War।" Family arguments, emotional गुस्सा और घर का tension बढ़ सकता है।

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5th House – सिंह (Leo)

कोई नीच ग्रह नहीं।

6th House – कन्या (Virgo) — ⚪ शुक्र नीच

जिस field में expertise हो, उसी में असफलता। Over-perfection या relationship dissatisfaction समस्या बन सकती है।

7th House – तुला (Libra) — ☀️ सूर्य नीच

रिश्ते टूटना, जीवनसाथी का गरम मिज़ाज। Ego clashes और relationship imbalance हो सकता है।

8th House – वृश्चिक (Scorpio)

कोई नीच ग्रह नहीं। (इस भाव में मृत्यु का भय, depression और mood swings जैसी प्रवृत्तियाँ जुड़ी मानी जाती हैं।)

9th House – धनु (Sagittarius) — ☊ राहु नीच

नास्तिक, कुतर्की, नुक्ताचीनी। हर बात में logic निकालना और spiritual rebellion हो सकता है।

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10th House – मकर (Capricorn) — 🟡 गुरु नीच

"लोहे को सोने की हथौड़ी से तोड़ना।" Wisdom का गलत उपयोग या practical मूर्खता हो सकती है।

11th House – कुम्भ (Aquarius)

कोई नीच ग्रह नहीं।

12th House – मीन (Pisces) — 🟢 बुध नीच

"उल्टा चमगादड़ — उल्टे-सीधे काम।" Confused thinking, reverse logic और असामान्य communication style होता है।

🌌 उच्च-नीच — एक नज़र में (Quick Table)

ग्रहउच्च (राशि/भाव)नीच (राशि/भाव)
☀️ सूर्यमेष / 1stतुला / 7th
चंद्रमावृषभ / 2nd
🔴 मंगलमकर / 10thकर्क / 4th
🟢 बुधकन्या / 6thमीन / 12th
🟡 गुरुकर्क / 4thमकर / 10th
शुक्रमीन / 12thकन्या / 6th
शनितुला / 7thमेष / 1st
राहुमिथुन / 3rdधनु / 9th
केतुधनु / 9thमिथुन / 3rd

🧭 सरल समझ और फॉर्मूला (Easy Formula)

  1. उच्च ग्रह = ग्रह अपनी सबसे अच्छी क्वालिटी देता है (ऊर्जा comfortable है)।
  2. नीच ग्रह = ग्रह की ऊर्जा उल्टे या कमज़ोर तरीके से चलती है (ऊर्जा uncomfortable है)।

याद रखने का फॉर्मूला:

🏠 भाव (House) = जीवन का क्षेत्र (Life Area)

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♈ राशि (Rashi) = व्यवहार (Behaviour)

🪐 ग्रह (Planet) = ऊर्जा (Energy)

✅ उच्च = ऊर्जा comfortable · 🔻 नीच = ऊर्जा uncomfortable

उदाहरण:
🔴 मंगल मकर में उच्च → disciplined action और achievement।
🔴 मंगल कर्क में नीच → emotional गुस्सा और घर के disputes।
ग्रह वही, पर जगह बदलते ही फल बदल गया।

ध्यान दें: उच्च या नीच होना ग्रह के फल का सिर्फ एक हिस्सा है। पूरा फल भाव, दृष्टि और अन्य ग्रहों के साथ मिलकर बनता है। सटीक विश्लेषण के लिए किसी योग्य ज्योतिषी से कुंडली दिखाएं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

❓ उच्च और नीच ग्रह का क्या मतलब है?

उच्च ग्रह वह है जो अपनी सबसे शक्तिशाली और शुभ ऊर्जा देता है, जबकि नीच ग्रह की ऊर्जा कमज़ोर या उल्टे तरीके से काम करती है।

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❓ सूर्य किस राशि में उच्च और किसमें नीच होता है?

सूर्य मेष राशि (1st House) में उच्च और तुला राशि (7th House) में नीच होता है।

❓ मंगल कहाँ उच्च और कहाँ नीच होता है?

मंगल मकर राशि (10th House) में उच्च होकर discipline और achievement देता है, और कर्क राशि (4th House) में नीच होकर गुस्सा व घरेलू विवाद बढ़ा सकता है।

❓ क्या नीच ग्रह हमेशा बुरा फल देता है?

नहीं। नीच ग्रह की ऊर्जा असहज होती है, पर सही भाव, दृष्टि या उपाय से उसका असर संतुलित हो सकता है। इसे केवल कमज़ोर स्थिति समझें, पूरा फल नहीं।

❓ कौन-सी राशियों में कोई ग्रह उच्च या नीच नहीं होता?

सिंह, वृश्चिक और कुम्भ में इस सूची के अनुसार कोई ग्रह उच्च नहीं होता; और वृषभ, सिंह, वृश्चिक व कुम्भ में कोई नीच नहीं होता।

निष्कर्ष: एक ही ग्रह जगह बदलते ही अपना फल बदल देता है — यही उच्च और नीच का रहस्य है। इसे समझ लेने से आप जान पाते हैं कि कोई ग्रह आपकी कुंडली में ताकत बनेगा या चुनौती।

इस समझ के बाद हर ग्रह को गहराई से जानें। हमारी श्रृंखला में सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु के विस्तृत लेख पढ़ें और अपनी कुंडली को बेहतर तरीके से समझें।

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